पैगम्बर मुहम्मद ﷺ और फ़क्र

फकिरीमधला आनंद आध्यात्मिक शक्ती असणाऱ्यांनाच मिळू शकतो. पैंगबर यापैकीच एक होते.

Aal-e-Qutub Aal-e-Syed Abdullah Shah Ghazi

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पैगम्बर मुहम्मद ﷺ

अगर आप लगन की अद्भूत शक्ति का अध्ययन करना चाहते हैं

तो हज़रत मुहम्मद ﷺ  की जीवनी पढ़ें

(नेपोलियन हील, थींक ग्रो एण्ड रिच)

अगर मुहम्मद ﷺ  न होते तो धर्म, मठों और जंगलों में सिमटकर रह जाता।

(स्वामी विवेकानंद)

हम में से जो भी नैतिक व सदाचारी जीवन व्यतीत करते हैं,

वे सभी दरअस्ल इस्लाम में ही जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

क्योंकि यह गुण वो सर्वोच्च ज्ञान एवं आकाशिय प्रज्ञा है

जो हज़रत मुहम्मद ﷺ  ने हमें दी।

(कारलायल)

आमतौर पर फ़क़ीर उसे समझा जाता है जो हाथ में क़ासा लिए लोगों से मांगता फिरे। लेकिन यहां उस फ़क़ीरी की बात नहीं हो रही है। यहां फ़क़ीरी का मतलब ख़ुदापरस्ती के लिए दुनियावी चीज़ों या ज़िदगी की ज़रूरियात का कम से कम इस्तेमाल करना है। जितना इन चीज़ों की चाहत बढ़ेगी, उतना ही ख़ुदा से दूरी बढ़ती जाएगी। हत्ता कि इन्सान इन ख्वाहिशात के दलदल…

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